अच्छे हर वक़्त नहीं करते अच्छाई,
बुरे हरदम नहीं करते बुराई।
गर यह छोटी सी बात समझ लें,
यही है ज़िन्दगी की सबसे बड़ी सच्चाई।
संगदिल भी कभी कर जाता है मेहरबानी,
खुद गरज के बस में भी है कुर्बानी।
धोखा दे जाते हैं जो बड़े वफादार थे,
इन्सानों में भी कभी कभी आ जाती है शैतानी।
मैं नहीं कहता किसी का ना कीजिए ऐतबार,
बस हर करतूत को ताज़ा आजमाइए हर बार।
चलते चलते लोग बदल जाते हैं,
जैसे बहार बन जाती है खिजा और खिजा बहार।
सिर्फ खुदा है जो यही था, यही है, यही रहेगा,
यह वो दरिया है जो हमेशा यूं ही बहेगा।
हालात में बदलने का उसका नहीं है दस्तूर,
जो कहेगा वो करेगा, जो करेगा वो कहेगा।
शुभ प्रभात।