दोस्तों के बग़ैर ज़िन्दगी वीरान है,
जिसे दोस्त नहीं चाहिए वह कैसा इन्सान है?
दोस्त होने से हमें हौंसला मिलता है,
कोई तो हमसफ़र है, कोई हम ज़ुबान है।
हमने तो बहुत कुछ पाया है दोस्तों की वजह से,
जहां हम पहुंचें हैं यह दोस्तों का ही एहसान है।
रोते रोते कट जाएं तनहाई के दिन और रातें,
दोस्त है तो रौनक है, होंठों पे मुस्कान है।
दोस्त की कदर करो, यह है खुदा की बख़्शिश,
शुक्र करो खुदा का जब दोस्त मेहरबान है।
थोड़ी सी आपकी ज़रूरत पे वह पहाड़ उठा देगा,
आप हो अगर लक्ष्मण तो वह भी हनुमान है।
और क्या लिखूं, रवि, सब तो जानते हैं,
कौन ऐसा शख्स है जो उसकी खूबियों से अनजान है?
शुभ प्रभात।