NANAK SHAH FAKIR – THE MOVIE AND ITS MESSAGE

India is a nation of debates, discussions and controversies. Our news channels generate enough in a week to last us a few lifetimes. If you listen to a news hour debate anchored by Arnab Goswami, for example, you would conclude that he, by himself, can account for a major part of global-warming. Religious controversies, however, are not just an Indian phenomenon; all over the world, religious fervour and fanaticism can result into […]

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MAIN THAK GAYA HOON

थक गया हूँ अब मैं ज़िन्दगी के झमेले में गुम हो गया हूँ सरापर दुनिया के मेले में मेरा वजूद क्या है मेरी हक़ीक़त क्या है? पूछता हूँ अपने आप से यह सवाल अकेले में. कोई जवाब नहीं आता सब धुंधला दिखता है कौडी के बदले यहाँ इंसान बिकता है, क्या मैं भी ऐसी “इंसानियत” की शख्सियत हूँ? जो हो गुनाहगार पर मासूम लिखता है? मुझे याद है अब भी […]

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TAB AUR AB

हमारी गुफ्तगू कभी खत्म ना होती थी, आज ख़ामोशी की हद्द भी पार हो गयी. दर्द – ऐ – दिल का हमें गुमान तक ना था, आज खुशियां हमारी उधार हो गयी. गुलज़ार थी वफ़ा – ओ – इश्क़ की दुनिया, आज मौत भी हमसे बेज़ार हो गयी. ना बुलाने से भी चले आते थे वह, आज आह भी अपनी बेकार हो गयी. तबुस्सम की फ़िज़ा लहरा के चलती थी […]

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WOH TUM NA THI

तुम  वह  नहीं  हो  जिस  से  मैं  प्यार  करता  था, आँखों  में  आँखें डाल  के इज़हार करता था. मेरी जुबां – ऐ – नब्ज़ पे था तेरी वफ़ा का नाम, शौक – ऐ – ज़िन्दगी को सलाम सौ – बार करता था. क्या आलम था वह अब भी दिल को खबर है, सेहर से ही शब – ऐ – हुस्न का इंतज़ार करता था. नाज़ुक लबों पे गर्मी – ऐ – जज़्बात […]

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REINVENTING THE WHEEL, ARMED FORCES STYLE

Generals, they say, become adept at fighting the last war. In a very short article titled ‘Out Of The Box Thinking’, nearly four years back, I had brought out that the need to have uniformed services, both in dress code and in demeanour and response, keeps the armed forces from truly encouraging (and not paying mere lip-service to) out of the box thinking. A few years back when the subject […]

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MAIN BEWAFA NAHIN HOON

इस से पहले के बेवफाई का मुझे दो तगमा, अपने एहसास में आने दो वह प्यारा नग़मा; जो दिल की धड़कन के साज़ से जुबां तक पहुंचा, कहाँ आगाज़ हुआ था और कहाँ तक पहुंचा. इस से पहले के बेवफाई का ….. पास रह कर भी तुम दूर चले जाते थे, मेरी मजबूर तमन्ना को और भी तरसाते थे, दिल की आवाज़ बन के रह जाती थी सदमा. इस से […]

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LADIES’ STAFF COURSE!

The other day when I put up here yet another post about our staff course (I think the post was ‘The Great Wanderlust In Staff College’, one of the ladies mentioned that I must bring out a post regarding the parallel ‘staff course’ that goes on in DSSC (Defence Services Staff College). This one involves the ladies, that is. His name was Selvaraj. Before long many of the DHs (Desperate Housewives) […]

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