GAREEB AUR ABLA KAUN?

मेरे जज़्बात मेरे दिल के आँगन में नंगे खेलते हैं,मुझे अकेला पा के वह खूब मुझे छेड़ते हैं,“पैदा ही ऐसे हुई थी या बन गयी हालात में?क्या पाया तूने अपने बचपन के हसीन ख्वाब में?”   “एक तू औरत है, और वह भी गरीब है,दोनों का पैदा होना इस मुल्क में बदनसीब है,कभी भी कोई भी तेरी इज्ज़त का हो सकता है खरीद-दार,इधर खड़ा है दरोगा, उधर बैठा है ज़मींदार” […]

Continue Reading

A RECIPE CALLED LIFE

Everyone knows how to Make it, bake it Dress it, serve it Relish it, taste it. All have same ingredients; and yet Some make a khichadi A total mess of taste and aroma. Others like it spicy and hot. … And some manage that extra flavour A unique mix. Some like it on slow simmer Others like it quick and fast. Isn’t it amazing That with the same ingredients It […]

Continue Reading