JAI HIND

Reproduction of a poem I wrote in May 1999 when Pakistan perpetrated the most heinous infiltration into Kargil, the Indian side of Line of Control (LOC):

जाना है तुमको आज इक फ़र्ज़ निभाने की खातिर
इस देश की मिटटी का क़र्ज़ चुकाने की खातिर
उठो ए जवानो सर पे बाँध लो कफ़न
शहीदों में अपना नाम दर्ज़  कराने की खातिर

 

दुश्मन ने इक बार  है  फिर तुम्हे ललकारा
दोस्ती के नाम पे है फिर तमाचा मारा
क्या भूल गया वो इक मुसलमान शायर का कहना:
सारे जहाँ से अच्छा है हिन्दोस्तान हमारा

 

विजय हो तुम्हारी ये देश की है कामना
करना वीरता से तुम दुश्मनों का सामना
उठो ए जवानो सर पे बांध लो कफ़न,
सारा जहाँ करेगा तुम्हारी वीरता की सराहना

 

इस देश के लिए मिट जायेंगे मर जायेंगे हम,
इक इंच भी अपनी ज़मीन का होने न देंगे कम,
सुनो नवाज़, सुनो मुशर्रफ, सुनो ए सरताज,
सीने यहाँ फौलाद के और बाज़ुयों में है दम.

 

अब कभी इस तरफ न डालो नज़रें बुरी,
इक तरफ लाहौर यात्रा, और बगल में हो छुरी,
इस बार छोड़ देंगे अपने पे काबू करके,
अगली बार LOC पार न करने की, शायद न हो मजबूरी.

 

जय हिन्द हमारा नारा है, हिन्द हमारी शान है,
खून का हर तिप्का हिन्द के लिए कुर्बान है,
तुमने सोये शेर को जगा डाला है मूर्ख,
दुश्मन, अब तू चन्द दिनों का मेहमान है.

 

 

Jaana hai tumko aaj ik farz nibhane ki khatir,
Is desh ki mitti ka karz chukaane ki khatir,
Utho ai jawaano sar pe bandh lo kafan,
Shahidon mein apna naam darz karane ki khatir.

 

Dushman ne ik baar, phir tumhen lalkara,
Dosti ke naam pe hai phir tamacha maara,
Kya bhool gaya vo ik musalmaan kavi ka kehna:
 “Saare jahan se achha hindostan hamaara”?

 

Vijay ho tumhaari ye desh ki hai kaamna,
Karna veerta se tum dushmano ka saamna,
Dekho bach ke paaye na ab yeh ghuspathiye,
Saara jahan karega tumhari veerta ki sarahana.

 

Is desh ke liye mit jaayenge mar jayenge hum,
Ik inch bhi apni zameen ka hone na denge kum,
Suno Nawaz, suno Musharraf, suno ai Sartaz,
Seene yahan faulad ke aur baazuyon mein hai dum.

 

Ab kabhi is taraf na daalo nazrein buri,
Ik taraf Lahore Yaatra, aur bagal mein ho chhuri,
 Is baar chhod denge apne pe kaabu karke,
Agli baar LOC paar na karne ki, shayad na ho majboori.

 

Jai Hind hamaara naara hai, Hind hamaari shaan hai,
Khoon ka her tipka Hind ke liye qurbaan hai,
Tumne soye sher ko jaga daala hai moorkh,
Dushman, ab tu chand dino ka mehmaan hai.

 

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